Friday, December 17, 2010

कश्मीर पर वार्ताकारों का दल केंद्र को देगा सुझाव

नई दिल्ली। कश्मीर पर वार्ताकारों की शुक्रवार से शुरू हुई तीसरे चरण की सात दिवसीय यात्रा के बाद राजनीतिक समाधान को लेकर व्यापक सुझाव सरकार के सामने आने की संभावना है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि वार्ताकारों का दल जम्मू और श्रीनगर के अलावा राजौरी, पुंछ और डोडा भी जाएगा। यह दल जम्मू-कश्मीर के सभी वर्गो के प्रतिनिधियों से बातचीत कर समस्याओं के हल के रास्ते तलाशेगा। उसकी रपट पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति विचार करेगी और उसके बाद ही कोई राजनीतिक प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

वार्ताकारों का यह दल पहले राज्य के अलग अलग वर्गो से बातचीत कर चुका है और केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को कार्यान्वयन के लिए कुछ सुझाव सौंपे हैं। सूत्रों ने बताया कि सुझावों पर काम आगे बढ़ चुका है। वार्ताकारों ने सरकार को सुझाव दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की इजाजत हो, उन प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए, जिनके खिलाफ कोई गंभीर आरोप नहीं हैं और आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए ठोस उपाय किए जाएं।

वार्ताकारों के दल ने इससे पहले 23 से 28 अक्टूबर और नौ से 14 नवंबर तक राज्य का दौरा किया था। एक सवाल के जवाब में सूत्रों ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले आतंकियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार भारी भरकम राशि खर्च कर रही है। उन्हें रोजगार में संलग्न करने और समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। गृहमंत्री पी चिदंबरम पहले ही कह चुके हैं कि वार्ताकारों के दल की बातचीत के नतीजों और उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य की समस्याओं के समाधान की दिशा में केंद्र की ओर से ठोस पहल की जाएगी। वार्ताकारों के दल में पत्रकार दिलीप पडगांवकर, पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त एम एम अंसारी और शिक्षाविद राधा कुमार शामिल हैं।

(Courtesy : www.jagran.com, 17 Dec. 2010)

No comments:

Post a Comment