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Thursday, December 2, 2010

जम्‍मू-कश्‍मीर के मुख्‍यमंत्री से सेना ने मांगी माफी


जम्मू. भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सार्वजनिक आलोचना करने के बाद गुरुवार को माफी मांग ली। उमर ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से की थी। सेना के उधमपुर स्थित उत्तरी कमान मुख्यालय से जारी विज्ञप्ति में 29 नवंबर को श्रीनगर में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के लिए मुख्यमंत्री अब्दुल्ला द्वारा सेना के बंकरों को हटावाए जाने को बताया गया था। विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री पर बंकरों को हटाने का काफी दबाव था और राजनीतिक मजबूरी के तहत उन्होंने ये बंकर हटवाए। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि इससे अलगाववादियों और आईएसआई के उनके आकाओं को जरूर खुशी हुई होगी।

हालांकि सेना ने तत्काल दूसरी विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पहले वाली विज्ञप्ति को निरस्त माना जाए और प्रकाशित न किया जाए लेकिन कई अखबारों ने इस विज्ञप्ति को छाप दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला काफी नाराज हुए और उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इसकी शिकायत की। उत्तरी क्षेत्र के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस जसवाल ने सीएम से माफी मांग ली है। (Courtesy : /www.bhaskar.com, 02/12/2010)
 
सेना ने मांगी उमर से माफी
श्रीनगर/नई दिल्ली। सेना ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला से माफी मांगी है। आर्मी कंमाडर ले. जनरल बी एस जसवाल ने खुद उमर अब्दुला को फोन कर उधमपुर में सेना द्वारा जारी प्रेस रिलीज पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि पीआरओ की राय सेना की राय नहीं है। जसवाल ने बताया कि उन्होंने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला को फोन कर अनाधिकृत प्रेस रिलीज पर खेद जताया। इस प्रेस रिलीज में आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट(एएफएसपीए) और श्रीनगर में सेना की तैनात के मसले पर जम्मू-कश्मीर सरकार की नीतियों की आलोचना की गई थी और कहा गया था कि श्रीनगर के आसपास कुछ स्थानों से सेना के बंकर हटाने से सैनिकों का मनोबल कमजोर होगा ।

जसवाल ने उमर अब्दुला को कहा कि सेना के पीआरओ की ओर से जारी प्रेस रिलीज सेना की राय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना को उमर अब्दुला के इस कानून पर स्टेंड से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन सेना का मानना है कि यह कानून से सेना को राज्य में विशेष कानूनी अधिकार दिलाने के लिए आवश्यक है। इस प्रेस रिलीज पर नाराजगी जताते हुए उमर अब्दुला ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी थी।       
(Courtesy : www.patrika.com, 02/12/2010)