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Tuesday, August 30, 2011

पंडितों की वापसी पर तीन को अपेक्स करेगी मंथन


श्रीनगर। विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वादी वापसी की औपचारिकताओं को तय करने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित अपेक्स कमेटी की बैठक शनिवार तीन सितंबर को जम्मू में होने जा रही है। राहत, पुनर्वास एवं राजस्व मंत्री रमण भल्ला की अध्यक्षता में गठित 40 सदस्यीय अपेक्स कमेटी प्रधानमंत्री द्वारा कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास के लिए जारी किए गए 1618 करोड़ रुपये के पैकेज के तहत जारी विभिन्न कार्य योजनाओं का भी जायजा लेगी। भल्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हालात अनुकूल रहने पर बैठक शनिवार को जम्मू में होगी। इसमें हम कश्मीरी विस्थापितों की वादी में सुरक्षा व आवासीय सुविधा के अलावा उन्हें वापसी के लिए कैसे मनाया जाए, इस पर भी बात होगी। कश्मीरी पंडितों की वापसी हमारी प्राथमिकताओं में है। 

अपेक्स कमेटी के उपाध्यक्ष व गृह राज्यमंत्री नासिर असलम वानी ने बताया कि मैं खुद इसमें शामिल होने के लिए जम्मू जा रहा हूं। बैठक में कश्मीरी मुस्लिमों, कश्मीरी पंडितों और सिख समुदाय के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। बैठक में कश्मीरी पंडितों की कश्मीर वापसी की सभी औपचारिकताओं को तय किया जाएगा। कश्मीरी पंडित कश्मीर का अभिन्न हिस्सा हैं, उनके बिना कश्मीर अधूरा है। राहत एवं पुनर्वास आयुक्त विनोद कौल ने सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कश्मीरी पंडित विस्थापितों की वापसी के लिए जारी रोजगार पैकेज के तहत 1400 पंडितों को कश्मीर में नौकरी दी गई है। हालांकि, आज तक कोई भी पूरा परिवार वापस कश्मीर नहीं लौटा है। यह भी शनिवार की प्रस्तावित बैठक के एजेंडे में शामिल है। (दैनिक जागरण, 30 अगस्त 2011)

Monday, August 29, 2011

लापता पंडितों की तलाश हो


जम्मू। कश्मीरी पंडित संगठनों ने पिछले पांच महीने से लापता हुए कश्मीरी पंडित युवा सुशील रैणा और एक वर्ष से गुमशुदा हुए सेवानिवृत्त अध्यापक हीरा लाल कौल की तलाश के लिए मुख्यमंत्री से जांच कमेटी गठित करने की अपील की है। 

कश्मीरी पंडित कांफ्रेंस के राष्ट्रीय प्रधान कुंदन कश्मीरी ने कहा कि सरकार अन्य समुदाय के लापता लोगों के प्रति तो गंभीर है, लेकिन पंडितों को लेकर गंभीर नहीं है। वहीं, ऑल स्टेट कश्मीरी पंडित कांफ्रेंस के महासचिव हीरालाल चट्टा ने भी सरकार पर लापता हुए पंडितों के प्रति बरती जा रही लापरवाही को लेकर अफसोस जताया है। 

(दैनिक जागरण, 27 अगस्त 2011)