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Wednesday, April 4, 2012

पूर्व आतंकियों के पुनर्वास को एक करोड़ मंजूर


जम्मू। उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर जिले में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व आतंकियों के पुनर्वास के लिए सरकार ने 1.04 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। बांडीपोरा के जिला उपायुक्त मंजूर अहमद लोन ने सोमवार को जिले में मुख्यधारा में शामिल होने वाले पूर्व आतंकियों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों की उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि बीते एक साल के दौरान 26 पूर्व आतंकियों के पुनर्वास के लिए 1.04 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। वहीं, आतंकियों के हाथों मारे गए 23 नागरिकों के परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा दिया गया। आतंकी घटनाओं में क्षतिग्रस्त हुए 79 मकानों, दुकानों व अन्य इमारती ढांचों के मुआवजे की मद में भी प्रशासन ने 3.16 करोड़ की राशि मंजूर की है। (4/4/2012)

Wednesday, March 28, 2012

क्या देश में पनप रहा है एक नया कश्मीर!


March 28th, 2012
मुम्बई। क्या महाराष्ट्र आतंकवादियों का शरणस्थली बन गया है? यह सवाल इन दिनों राज्य की जनता की जुबान पर है। क्योंकि औरंगाबाद में आतंकवादियों से मुठभेड़ की घटना के दूसरे ही दिन अब आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बुलढाणा जिले से दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

एटीएस से मिली जानकारी के अनुसार बुलढाणा जिले में कई महीनों से छुपे संदिग्ध आतंकवादी अखिल मोहम्मद युसूफ खिलजी और मोहम्मद जाफर को गिरफ्तार किया गया है। बताया जाता है कि इन दोनों की गिरफ्तारी सोमवार को औरंगाबाद जिले में एटीएस के साथ मुठभेड़ में पकड़े गये मोहम्मद अबरार खान उर्फ मुन्ना और शाकिर हुसैन की निशानदेही पर हुई है।

चौकाने वाली बात यह है कि अखिल और जाफर दोनों भी मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के मूल निवासी बताये जा रहे हैं। इसके अलावा ये दोनों भी प्रतिबंधित संगठन सिमी के सदस्य रहे अबू फैजल से अतीत में जुड़े रहे हैं।

एटीएस के सूत्रों का कहना है कि सोमवार को मुठभेड़ में मारा गया आतंकवादी खलिल कुरैशी 1999 में औरंगाबाद में सिमी के सफदर नागोरी द्वारा बुलाई गई इख्वानपरिषद में शामिल हुआ था। इतना ही नहीं इस परिषद में 2008 में अहमदाबाद में हुए सीरियल बम विस्फोट की वारदात का संदिग्ध आतंकवादी मोहम्मद अबरार खान भी आया था।

गिरफ्तार आतंकवादियों से बड़े खुलासे की उम्मीद

सोमवार को औरंगाबाद से मोहम्मद अबरार खान व शाकिर हुसैन और मंगलवार को बुलढाणा से अखिल खिलजी व मोहम्मद जाफर की गिरफ्तारी के बाद एटीएस को इन चारों संदिग्ध आतंकवादियों से बड़े खुलासे की उम्मीद है।

एटीएस के अधिकारियों के जेहन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि म.प्र. के विभिन्न जिलों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने वाले ये आतंकवादी आखिर महाराष्ट्र में क्यों पनाह लिये हुए थे? इन्हें महाराष्ट्र में कौन मदद कर रहा था? क्या ये आतंकवादी महाराष्ट्र को दहलाने की किसी साजिश को अंजाम देने के लिए महाराष्ट्र में इकट्ठा हुए थे?

हालांकि अभी तक की पूछताछ में अयोध्या प्रकरण में फैसला सुनाने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डी.वी. शर्मा, सुधीर अग्रवाल और एस.यू. खान की हत्या की साजिश रचे जाने की अबरार व खलिल ने एटीएस को जानकारी दी है।

क्या है ऑपरेशन माल-ए-गनिमत

एटीएस को गिरफ्तार आतंकवादियों से माल-ए-गनिमतनामक एक ऑपरेशन (मुहिम) की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि म.प्र. में गिरफ्तार आतंकवादियों ने बैंक डकैती या फिर इस प्रकार की जो भी वारदातों को अंजाम दिया था। उससे मिली रकम को माल-ए-गनिमतके तहत पुलिस मुठभेड़ में मारे गये आतंकवादियों के परिजनों तक आर्थिक मदद के रूप में पहुंचाई जाती थी।

Sunday, February 5, 2012

आइएसआइ के लिए काम करने वाला एसपीओ काबू


राजौरी : पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ व विभिन्न आतंकी संगठनों को सूचनाएं देने के आरोप में पुंछ पुलिस ने शुक्रवार को एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) को हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पाकिस्तान की मोबाइल कंपनी के सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी की एसपीओ मुहम्मद रशीद पिछले काफी समय से आइएसआइ के लिए कार्य कर रहा है।
(04 फरवरी, दैनिक जागरण)

Wednesday, January 25, 2012

सरेंडर आतंकियों ने लगाई शांति की दौड़


जम्मू : जिहाद के नाम पर लोगों को भड़काने वालों की असलियत को जान चुके कश्मीर के लोग शांति चाहते हैं। कभी गुमराह होकर बंदूक उठाने वाले युवा सभ्य नागरिक बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं।

बडगाम जिले में मंगलवार को हुए सेना के रन फॉर पीस कार्यक्रम में सरेंडर आतंकवादी भी शामिल हुए। खून जमाने वाली ठंड में सेना के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले 300 के करीब लोगों में ऐसे 35 युवा थे, जिन्होंने कभी आतंकवादी तंजीमों के बहकावे में आकर बंदूक उठा ली थी। पांच किलोमीटर लंबी यह दौड़ बडगाम जिले के बीरवाह से शुरू होकर अरिपंथन में खत्म हुई। सेना 12 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स की 35 आरआर की इस दौड़ में बीरवाह व खाग इलाकों से आए डॉक्टरों, इंजीनियरों, पुलिस, सैन्य कर्मियों व विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मध्य कश्मीर के मीरवाइज मौलवी सईद अब्दुल लतीफ व खाग के बीडीओ मुहम्मद अशरफ दीजू ने किया। दौड़ में हिस्सा लेकर लोगों ने साबित किया कि वर्ष नए वर्ष में शांति व खुशहाली चाहते हैं।

Tuesday, January 24, 2012

54 civilians cross LoC


Excelsior Correspondent
JAMMU, Jan 23: Fifty-four civilians today exchanged sides from the Line of Control (LoC) at Chakan-Da-Bagh in weekly Poonch-Rawlakote bus service. Twenty-eight civilians left Poonch for Hajeera, Rawlakote in Pakistan occupied Kashmir (PoK) this morning to meet their divided family members and relatives across the LoC. They included one first timer from this part of the divided State and 27 PoK citizens, who headed back home after completing their stay of 28 days or above on this side, official sources said.
From Rawlakote, 26 civilians reached Poonch including eight guests and 18 returnees of this side. Abdul Hamid, GM DIC Poonch and MA Qureshi, DySP DAR Poonch were present at Chakan-Da-Bagh during cross-LoC movement of the civilians while Aslan Ahmed, SDM Hajeera, represented PoK. (www.dailyexcelsior.com)

Thursday, January 5, 2012

धुंध की आड़ में घुसपैठ की कोशिश करेगा पाक


जम्मू। पाकिस्तान की नापाक हरकतें भारत को हमेशा परेशानी में डालकर रखने वाली होती हैं। यह तो सभी जानते हैं, लेकिन वह मौसम के बदलते तेवरों के साथ अपनी रणनीति में भी बदलाव करता रहता है। जम्मू संभाग में पिछले वर्ष दिसंबर में चार बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने वाला पाकिस्तान जनवरी में घनी धुंध की आड़ में घुसपैठ करवाने की पूरी कोशिश करेगा। घनी धुंध की आड़ में सीमा के एक हिस्से में बीएसएफ के जवानों को गोलीबारी में उलझाकर दूसरे हिस्से से आतंकियों को घुसाने के आसार हैं।

इस रणनीति से भली-भांति वाकिफ बीएसएफ के जवान पहले से ही अ‌र्ल्ट हो गए हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार आतंकियों की संख्या बढ़ रही है। पाकिस्तान की ओर से कवर फायर के बीच आतंकियों के छोटे-छोटे दलों को सीमा पार करवाने की रणनीति अमल में लाई जाएगी। तीस दिसंबर को सांबा सेक्टर की न्यू एसपी खोआड़ा पोस्ट पर गोलीबारी पाकिस्तानी रेंजरों की इसी रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तानी रेंजरों ने फ्लैग मीटिंग में इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनके मंसूबे ठीक नहीं हैं।
बीएसएफ की ओर से फ्लैग मीटिंग में 182वीं बटालियन के कमांडेंट एससी यादव जबकि पाकिस्तान रेंजर्स के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल राजा शाहिद ने हिस्सा लिया। खोआड़ा पोस्ट पर शनिवार को हुई बैठक में पाकिस्तानी रेंजरों ने हमेशा की तरह न सिर्फ गोलीबारी करने से इंकार किया बल्कि वे इससे भी मुकर गए कि उनके इलाके में आतंकी घुसपैठ करने के लिए मौका तलाश रहे हैं। जनवरी में इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार बीएसएफ, सेना व जम्मू-कश्मीर पुलिस ने समन्वय बिठा लिया है। बीएसएफ व सेना ने मुस्तैदी बढ़ा दी है जबकि पुलिस ने सीमा के साथ लगते गांवों में अपनी विलेज डिफेंस कमेटियों को सक्रिय कर दिया है।
बीएसएफ के डीआईजी जेएस ओबराय का कहना है कि सीमा पर घुसपैठ को नाकाम बनाने के पक्के प्रबंध हैं। पाकिस्तान धुंध की आड़ में इस वर्ष भी घुसपैठ करवाने में सफल नहीं होगा। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर इस बार सीमा पर पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक तैनाती व आधुनिक यंत्र स्थापित किए गए हैं। गौरतलब है कि तीस दिसंबर को सांबा सेक्टर में गोलीबारी से पहले पाकिस्तान की ओर से 22, 14 5 दिसंबर को पुंछ की कृष्णा घाटी, तारकुंडी व केजी से. में गोलीबारी की गई थी।

लश्कर ने बनाया 21 महिलाओं का दस्ता


नई दिल्ली। भारत के खिलाफ हमले की नई साजिश रच रहा लश्कर-ए-तैयबा उसे अंजाम देने के लिए नया महिला दस्ता खड़ा कर रहा है। इसके लिए गुलाम कश्मीर में 21 महिलाओं के एक दस्ते को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीमा पार से मिली खुफिया जानकारियों के मुताबिक दुख्तरान-ए-तैयबा नामक इस दस्ते का प्रशिक्षण मुंबई में 26/11 के आतंकी हमले के मास्टर माइंड जकीउर रहमान लखवी के गुर्गो की देख-रेख में जारी है। सेना मुख्यालय अधिकारियों के मुताबिक इस बारे में पुख्ता सूचनाएं हैं कि भारत के खिलाफ आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए चुनी हुई महिला आतंकवादियों का मुजफ्फराबाद के दिवालिया में प्रशिक्षण जारी है। सीमा पार आतंकियों की बातचीत से हासिल सूचनाओं के मुताबिक दुख्तरान-ए-तैयबा का यह दस्ता नियंत्रण रेखा या नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल होने के मंसूबे बना रहा है। इससे पहले भी सीमा पार चल रहे 42 आतंकी प्रशिक्षण कैंप में महिला आतंकियों को तैयार किए जाने की सूचनाएं मिलती रही हैं। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में महिला अलगाववादी गुट दुख्तरान-ए-मिल्लत भी सक्रिय रहा है। सेना के हाथ लगी खुफिया सूचनाएं लश्कर की ओर से भर्ती अभियान में भी तेजी लाने की कोशिशों की ओर इशारा करती हैं। इस काम के लिए सीमा पार बैठे आकाओं ने  लश्कर के डिवीजनल कमांडर उस्मान भाई उर्फ छोटा रहमान को लगाया है। साथ ही जम्मू कश्मीर में तैनात सेना और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। महत्वपूर्ण है कि बीते कुछ समय में घाटी में आतंकी घटनाओं का ग्राफ नीचे की ओर आया है। साथ ही सेना और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए आतंकियों का आंकड़ा भी बढ़ा है। लिहाजा लश्कर की सरगर्मी को घरेलू विवादों में फंसी पाकिस्तानी फौज और आइएसआइ की नई शह के तौर पर देखा जा रहा है।

कश्मीर में जिहाद को गति देने में जुटा लश्कर-ए-तैयबा


श्रीनगर। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अब कश्मीर में जिहाद को गति देने के उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग के लिए सीमा पार 15 दिवसीय विशेष कैप्सूल कोर्स भी शुरू कर दिया है। इसमें कश्मीरी युवकों को शामिल किया जा रहा है। एक स्थानीय आतंकी यह प्रशिक्षण लेकर लौट भी आया है, जबकि एक अभी तक गुलाम कश्मीर में ही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं पाया है कि कितनी संख्या में युवक सीमा पार प्रशिक्षण लेने गए हुए हैं। यह कोर्स न सिर्फ गुलाम कश्मीर और पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में जारी आतंकी कैंपों में बैठे दहशतगर्दो को करवाया जा रहा है, बल्कि कश्मीर में बीते दिनों भर्ती किए गए शिक्षित युवकों को भी वहां बुलाकर दिया जा रहा है। ऐसे युवकों को इस प्रशिक्षण के लिए एलओसी पार करने के लिए नहीं, बल्कि पासपोर्ट के आधार पर पाकिस्तान बुलाया जाता है ताकि वापसी पर सुरक्षा एजेंसियों को इनकी गतिविधियों पर संदेह न हो। इस नई साजिश का खुलासा तीन दिन पहले बांडीपोरा जिले के हाजन इलाके में पकडे़ गए लश्कर के एक तीन सदस्यीय मॉड्यूल की गिरफ्तारी से हुआ है। इसमें एक पूर्व आतंकी शामिल है, जबकि दो अन्य नए लड़के हैं। इनकी पहचान गुलाम मुहम्मद भट्ट, जहूर अहमद डार और निसार अहमद गनई के रूप में हुई है। एसपी बांडीपोरा बशीर अहमद खान ने बताया कि जहूर अहमद मई 2011 में एक फर्जी नाम पर पासपोर्ट बनवाकर पाकिस्तान गया था। उसे इलाके में सक्रिय एक लश्कर कमांडर ने ही भेजा था। उसने पाकिस्तान में जाकर लश्कर के एक कैंप में कंप्यूटर और साइबर दुनिया से संबंधित विभिन्न उपकरणों व तकनीकों का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वह वापस लौट आया। वापस आने पर उसने एक पूर्व सरेंडर आतंकी गुलाम मुहम्मद भट्ट से संपर्क किया और उसके बाद वह स्थानीय युवकों की भर्ती में जुट गया। वह नए लड़कों को पाकिस्तान जाकर कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी के जेहाद में इस्तेमाल की ट्रेनिंग लेने जाने के लिए प्रेरित करने लगा। इन लोगों ने निसार अहमद डार नामक एक युवक को विशेष तौर पर कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के लिए पैसा लेने और कंप्यूटर की ट्रेनिंग के लिए ही भेजा हुआ है। वह अभी भी गुलाम कश्मीर में ही है। एसपी ने इन लोगों द्वारा भर्ती किए गए और पार भेजे गए युवकों की सही संख्या नहीं बताई है, लेकिन दावा किया है कि जांच जारी है और कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन तीनों के पास से मैट्रिक्स शीट, कंप्यूटर, कोडवर्ड डायरी और कुछ अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। जहूर अहमद का फर्जी पते पर पासपोर्ट बनाए जाने के मामले की जांच भी की जा रही है।

Tuesday, October 11, 2011

बांग्लादेशी को तीन वर्ष की सजा


जम्मू। भारतीय सीमा से पाकिस्तान में घुसपैठ करते समय पकड़े गए बांग्लादेश के निवासी रफीक-उल-इस्लाम को कोर्ट ने तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसको बीएसएफ ने पांच जून 2010 को कानाचक्क क्षेत्र में उस समय गिरफ्तार किया था जब वह पाकिस्तानी सीमा की ओर बढ़ रहा था।

घुसपैठ के फिराक में 600 आतंकी


श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर में शमसबारी रेंज और उड़ी सेक्टर के पार लगभग 600 आतंकियों के घुसपैठ के लिए जमा होने की सूचना पर सेना ने एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। श्रीनगर स्थित सेना की 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने इस बात की पुष्टि की है। मंगलवार को मच्छल सेक्टर में एलओसी से सटे दुदी गांव में पत्रकारों से हसनैन ने कहा कि अगले दो माह में घुसपैठ की कोशिशों में तेजी आ सकती है। आतंकी सरगना और उनके संरक्षक चाहते हैं कि पहाड़ों पर बर्फ गिरने और घुसपैठ के रास्तों के बंद होने से पहले ज्यादा संख्या में घुसपैठियों को इस तरफ धकेला जा सके। हम इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है। हाल ही में कंगन में स्वात घाटी से संबंधित दो आतंकियों के मारे जाने पर उन्होंने कहा कि पहले भी कश्मीर में पश्चिमोत्तर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकी मारे जा चुके हैं। अभी कुछ साल पहले केरल के आतंकी भी यहां मारे गए हैं। वर्ष 2011 बहुत ही महत्वपूर्ण वर्ष है। इस साल हमने लश्कर और हिज्ब के 19 नामी कमांडरों को मार गिराया है। आतंकी संगठनों की कमर लगभग टूट चुकी है। वह हताश हैं और अपनी जान बचाने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। इसलिए अपने कैडर का मनोबल बढ़ाने और आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए एलओसी पर बैठे आतंकी सरगना व उनके संरक्षक चाहते हैं कि वह ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को इस तरफ भेज सकें। अगर हमने इस साल उनकी घुसपैठ को पूरी तरह नाकाम बना लिया तो अगले साल यकीनन कश्मीर के हालात पूरी तरह बदल जाएंगे और यहां पूरी तरह अमन होगा। उन्होंने यह स्वीकार किया कि इस साल अब तक 30 से 40 आतंकियों के सीमा पार से घुसपैठ करने की सूचनाएं है।

Friday, October 7, 2011

अफजल की फाइल से भी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा


नई दिल्ली। सूचना अधिकार कानून (आरटीआइ) की धार कुंद करने में जुटी सरकार ने कैबिनेट को मिली छूट का हवाला देकर संसद हमले के दोषी मो. अफजल की दया याचिका से जुड़ी सूचनाओं के खुलासे से इंकार कर दिया है। गृह मंत्रालय का कहना है कि आरटीआइ के तहत कैबिनेट को दस्तावेजों के खुलासे से छूट प्राप्त है। अगर अफजल मामले का खुलासा किया तो राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है। गृह मंत्रालय ने आरटीआइ कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल की अर्जी के जवाब में कहा है कि वह अफजल मामले की सूचनाएं सार्वजनिक नहीं कर सकता। मंत्रालय को आरटीआइ की धारा 8 (1) ,जी और आइ के तहत कैबिनेट को तीन तरह की सूचनाएं सार्वजनिक न करने की छूट प्राप्त है। धारा आठ-1 (ए) उन सूचनाओं को सार्वजनिक न करने की छूट प्रदान करता है, जिनसे भारत की संप्रभुता व अखंडता, सुरक्षा, देश के सामरिक, वैज्ञानिक व आर्थिक हितों तथा अन्य देशों से जुड़े संबंध प्रभावित होते हों। हालांकि, केंद्रीय सूचना आयोग ने मौत की सजा का इंतजार कर रहे कैदियों की ओर से दायर दया याचिकाओं से जुड़ी फाइल नोटिंग जारी करने की इजाजत दी है। इन लोगों के जीवन व स्वतंत्रता को ध्यान में रखकर यह इजाजत दी गई है। गृह मंत्रालय ने इससे पहले राष्ट्रपति के पास भेजी गई विभिन्न दया याचिकाओं पर फाइल नोटिंग के ब्योरे को मुहैया किया है। अग्रवाल का कहना है कि वह मंत्रालय के रुख में बदलाव से आश्चर्यचकित हैं, जिसके तहत छूट प्रदान करने वाली धाराओं का हवाला कुछ चुने हुए मामलों में सूचना देने से इंकार करने में किया गया है।

Wednesday, September 28, 2011

घाटी के लोग आतंकियों के खिलाफ


श्रीनगर, 22 सितम्बर ।कातिलों को फांसी दो-फांसी दो, मौलाना शौकत की हत्या की साजिश को बेनकाब करो करते हुए बुधवार को सैकड़ों की तादाद में लोग लालचौक में एक जुलूस की शक्ल में निकले। जो भी जुलूस को देखता हैरान हो जाता, क्योंकि बीते बीस सालों में पहली बार लोग आतंकियों को फांसी की मांग करते हुए सड़क पर निकले थे। लोग किसी आतंकी संगठन या किसी आतंकी सरगना का नाम नहीं ले रहे थे, लेकिन नारे लगाने वाले और जुलूस देख रही भीड़ अच्छी तरह जानते थे कि कातिल कौन है।

जमायत-ए-अहल-ए-हदीस के कार्यकर्ता राज्य के विभिन्न हिस्सों से आज मैसूमा स्थित अपने मुख्यालय में जमा हुए और वहीं से एक जुलूस की शक्ल में निकले। जुलूस ठीक उसी जगह से शुरू हुआ, जहां लश्कर और तहरीकुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने मिलकर मौलाना शौकत की मौत का कारण बनने वाली आइईडी लगाई थी। हदीस के अध्यक्ष गुलाम रसूल मलिक की अध्यक्षता में जुलूस में शामिल जमायत कार्यकर्ता मौलाना के कातिलों की फांसी की सजा के साथ-साथ मौलाना शौकत की उम्मीदों के अनुरूप कश्मीर में ट्रांस्व‌र्ल्ड मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग भी कर रहे थे।
गावकदल, मैसूमा और लालचौक के आस-पास के इलाकों से गुजरते हुए प्रदर्शनकारी जब बडशाह चौक पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस पर जमायत कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए। जमायत प्रमुख गुलाम रसूल मलिक ने इस मौके पर वहां अपने कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि मौलाना शौकत की हत्या की साजिश को पूरी तरह बेनकाब कर उनके हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। हम अभी तक हुई जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
मलिक ने कहा कि इसके साथ ही हम चाहते कि मौलाना शौकत ने जिस ट्रांस्व‌र्ल्ड मुस्लिम विश्वविद्यालय का ख्वाब देखा था, वह पूरा हो। सरकार को चाहिए कि वह इस विश्वविद्यालय की राह में रोडे़ अटकाने के बजाय इसी स्थापना के लिए ठोस पग उठाए। उन्होंने इस मौके पर सरकार को पांच अक्टूबर तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो हमारे 15 लाख सदस्य, 125 स्कूल और 700 मस्जिदों से संबंधित सभी लोग सड़कों पर आ जाएंगे और इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार होगी। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि आठ अप्रैल को मैसूमा में एक मस्जिद के बाहर हुए आइईडी विस्फोट में जमायत के तत्कालीन प्रमुख मौलाना शौकत की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए दावा किया था कि हत्या की साजिश लश्कर व तहरीकुल मुजाहिदीन नामक दो आतंकी संगठनों ने रची थी और इस सिलसिले में छह लोगों अब्दुला गनी डार उर्फ गजाली, जावेद अहमद मुंशी उर्फ बिल पापा, निसार अहमद खान उर्फ इसहाक, अब्दुल मजीद डार, गुलजार अहमद खान और रियाज अहमद शाह को हिरासत में लिया गया है।

सैन्य छावनी को उड़ाने की साजिश!


जम्मू, 24 Sept.। शहर के अति संवेदनशील सैन्य छावनी सतवारी से सटे सेना की 26 डिवीजन के निकट शुक्रवार को आइईडी बरामद की गई। पुलिस ने आइईडी को समय रहते निष्कि्रय कर एक बड़ी वारदात को टाल दिया। यह आइईडी एयरकंडीशनर में प्रयोग होने वाले कंपेस्टरों में लगाई गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से छह कंपेस्टर, दो टाइमर घडि़यां, चार बैटरी सेल व बिजली के तार बरामद किए। इन खाली कंपेस्टरों में पाउडर जैसा पदार्थ भरा हुआ था। एसएसपी जम्मू आंनद जैन का कहना है कि कंपेस्टर से बरामद पाउडर को जांच के लिए फोरेंसिक टीम को सौंप दिया गया है। पता लगाया जा रहा है कि यह विस्फोटक कितना शक्तिशाली है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब चार बजे अप्पर बेलीचराना के निकट स्थानीय लोगों ने कुछ संदिग्ध वस्तु को पड़े देख सेना के 157 टीए बटालियन के जवानों को सूचित किया। इसके बाद बटालियन के कमांडेंट मेजर एके सिंह बम निष्कि्रय दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इस बीच, पुलिस को भी इसकी सूचना मिली। इलाके की घेराबंदी कर पुलिस ने भी बम निष्कि्रय दस्ते को बुलाया। दस्ते ने सावधानी बरतते हुए आइईडी को निष्कि्रय कर दिया। फिलहाल, पुलिस कंपेस्टर में भरे
पाउडर को एमोनियम नाइट्रेट होने से भी इंकार नहीं कर रही है। जिस स्थान से यह विस्फोटक बरामद हुआ है उससे 26 इंफेंटरी डिवीजन करीब सौ मीटर की दूरी पर है। अति सुरक्षित समझे जाने वाले इलाके में आइईडी के बरामद होने से यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं आतंकवादियों का निशाना सेना की डिवीजन तो नहीं। पुलिस इस थ्यूरी पर भी काम कर रही है कि आतंकी इस फिराक में तो नहीं थे कि इसे रात में ऐसी स्थान पर लगाया जाता जहां विस्फोट से जानमाल का ज्यादा नुकसान होता। अलबत्ता, किसी भी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं आइजी दिलबाग सिंह ने प्राथमिक जांच के आधार पर इसे आतंकी घटना मानने से इंकार करते हुए कहा कि यह किसी की शरारत है। आइईडी नुमा जो सामग्री मिली है उसका मैटेरियल पूरा नहीं है। फिलहाल, मामले की जांच के बाद ही पक्के तौर पर कुछ कहा जा सकता है। घटनास्थल पर एसपी साउथ राजेश्वर सिंह तथा एसडीपीओ एमएल कैथ भी मौजूद थे।




Tuesday, August 30, 2011

जैश कमांडर समेत दो आतंकी ढेर


श्रीनगर। सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सोमवार को एक मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के जिला कमांडर इकरम भाई को उसके स्थानीय अंगरक्षक समेत मार गिराया। एसपी पुलवामा अमित कुमार ने बताया कि मत्रगाम में दोपहर बाद आतंकियों का एक दल अपने एक संपर्क सूत्र के पास आया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना निकटवर्ती चौकी को दी। उसके बार 53 और 55 आरआर के जवानों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों ने अभियान चलाया। जवानों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए भी कहा, लेकिन उन्होंने इससे इंकार कर दिया। उसके बाद वहां मुठभेड़ शुरू हो गई। करीब चार घंटे की मुठभेड़ में मकान में छिपे दोनों आतंकी मारे गए। इनमें से एक पाकिस्तान का रहने वाले इकरम भाई है। वह जैश का जिला कमांडर था। दूसरे की पहचान फारूक अहमद लोन के रूप में हुई है। वह खंडीपोरा पखरपोरा, पुलवामा का रहने वाला था। एसपी ने बताया कि मुठभेड़स्थल की घेराबंदी जारी है। 

(दैनिक जागरण, 30 अगस्त 2011)

Sunday, August 14, 2011

जम्मू-कश्मीर में 20 वर्षों में 40 हजार लोग मारे गए

नई दिल्ली (10 अगस्त)। जम्मू कश्मीर में पिछले दो दशक में आतंकवादी हिंसा में 40 हजार लोग मारे गए जिनमें 13 हजार 226 नागरिक एवं 21 हजार 323 आतंकी शामिल हैं। इस दौरान पांच हजार 369 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए।
 
(दैनिक जागरण, 14 अगस्त 2011)

Thursday, August 4, 2011

जम्मू में छिपा लश्कर का दुर्दात आतंकी गिरफ्तार

जम्मू। स्वतंत्रता दिवस पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में मंदिरों के शहर जम्मू में छिपे लश्कर-ए-तैयबा के दुर्दात आतंकी को पुलिस व सेना के संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। गुज्जरों के घर तीन साल पहले नौकर बनकर रहने आया लश्कर आतंकी मुश्ताक अहमद उर्फ मुस्तफा उर्फ मास्टर पुत्र नूरदीन गुज्जर रियासी जिले के बुद्दन इलाके का रहने वाला है। यह गुज्जर परिवार की लड़की से शादी कर सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक रहा था। शहर में तांगा चलाकर वह दिन में दर्जनों बार सुरक्षकर्मियों के सामने से होकर निकलता था।

सूत्रों के अनुसार जम्मू में स्लीपिंग सेल बनाने वाला यह आतंकी लगातार कई खुंखार दहशतगर्दो के संपर्क में था। वह निक्की तवी इलाके में रह रहा था। यह क्षेत्र आतंकवादियों की घुसपैठ का रूट भी रहा है। फिलहाल उसके पास से कुछ खास बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पूछताछ के दौरान कुछ और गिरफ्तारियां व बरामदगी हो सकती है। सेना की डेल्टा फोर्स की सूचना पर कार्रवाई करते हुए राज्य पुलिस के स्पेशल आपरेशन गु्रप ने एसपी पवन परिहार के नेतृत्व में अभियान चलाकर मुश्ताक को मंगलवार देर रात सतवारी के निकट के बेलीचराना से पकड़ा।
अभियान के बारे में एसपी पवन परिहार ने जागरण को बताया कि उसे आधी रात को बेलीचराना से पकड़ा गया। जम्मू में अपने तीन साल के प्रवास के दौरान उसने क्या गतिविधियां की, उसके मंसूबे क्या थे, इस बारे में पूछताछ की जा रही है। जम्मू डिवीजन के कई जिलों में सक्रिय रहे मुश्ताक ने पाकिस्तान में विस्फोटक, हथियारों के साथ रेडियो सैट संचालन में प्रशिक्षण हासिल किया था। लश्कर में 2004 में भर्ती हुए मुश्ताक के रियासी जिले में आतंकवादियों को वित्तीय, अन्य प्रकार का सहयोग देने वाले ओवर ग्राउंड वर्करों से संबंध थे। वह रियासी जिले के गूल इलाके के साथ राजौरी, पुंछ जिले में सक्रिय रहा है। इस आतंकवादी के सहयोगी पाकिस्तान आतंकवादी हैदर, अब्दुल्ला, अब साद व फोरमैन थे। यह जानकारी देते हुए सैन्य अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2008 में सेना से मुठभेड़ के बाद वह जम्मू आकर छिप गया था।
(Courtesy : Dainik Jagran, 4 Aug. 2011)

Friday, May 20, 2011

19 persons cross sides on LoC via Uri

SRINAGAR, May 19 (PBI): Nine fresh visitors from Pakistan Administered Kash¬mir were among 19 persons who crossed sides along the Line of Control via Uri in north Kashmir Baramulla district on Thursday.

Station House Officer Uri Showkat Ahmad told Press Bureau of India that while nine fresh visitors from Pak arrived here via the ‘Peace Bus’, four persons from this part of Kashmir return home, they said. The pas¬sengers travelled from Muzaffarabad, the capital of Pak, to Chakoti, near the LoC in Uri town and as a part of procedure, the travellers alighted from the bus and crossed the Aman Setu (Peace Bridge) on foot.
Four fresh visitors from this part of the Kashmir also travelled to Pak when the bus left, they said. Two residents of Muzaf¬farabad also returned home after stipu¬lated stay here, he added.

(Courtesy : http://www.kashmirtimes.com)

Thursday, May 19, 2011

Army arrests militant sympathiser in J&K

Jammu, May 18 (PTI) Army troops today arrested a suspected militant sympathiser during a search operation in Kishtwar district of Jammu and Kashmir.A joint operation launched by Rashtriya Rifles and J&K Police in Kurnag village in Kishtwar district apprehended the sympathiser during the raid from a hideout in the forest belt, an Army spokesman said.He has been identified as Jalaldin Gujjar of Gujjar Basti in Saranwa area of the district, the official said, adding he was working as an informer, courier and guide of militants.

(Courtesy : http://ibnlive.in.com)