Showing posts with label BJP on JK. Show all posts
Showing posts with label BJP on JK. Show all posts

Friday, April 13, 2012

आजाद भाजपा के सांसद प्रभारी बने

जम्मू। राज्य के मुद्दों को लोकसभा तक ले जाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सांसद कीर्ति आजाद को जम्मू-कश्मीर का प्रभारी सांसद बनाया है। हालांकि जम्मू-कश्मीर भाजपा का मुख्य प्रभार डॉ. जगदीश मुखी के पास ही रहेगा। 
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमशेर सिंह को पत्र भेज कर सूचना दी है कि कीर्ति आजाद संसद में उनका प्रतिनिधित्व करेंगे। कीर्ति आजाद से पहले पार्टी हाईकमान की ओर यह जिम्मेदारी सांसद राजन सुशांत को सौंपी गई थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार कीर्ति आजाद जल्द जम्मू दौरे पर आएंगे। 
(13/04/2012)

Sunday, February 12, 2012

AFSPA can't be revoked on basis of single incident: BJP


PRESS TRUST OF INDIA
New Delhi, Feb 11: BJP today said the Armed Forces Special Powers Act cannot be revoked in Jammu and Kashmir on the basis of a single firing incident like the one that occurred in Baramulla.
 "Based on a single incident alone, the Act cannot be repealed," BJP spokesperson Mukhtar Abbas Naqvi said here today.

 Naqvi was asked by reporters if the AFSPA should continue to be in force in Jammu and Kashmir in the wake of the death of a youth allegedly in firing by forces in Baramulla on Saturday which has triggered protests in the district.

 Baramulla district witnessed protests for the second day today over the killing of the youth with Chief Minister Omar Abdullah ordering a magisterial probe into the incident.

(www.greaterkashmir.com)

Tuesday, February 7, 2012

विधानसभा सत्र गर्माने को तैयार है भाजपा


जम्मू। स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी कर रही भाजपा 23 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में उठने वाले अहम मुद्दों को लेकर सड़कों पर भी आंदोलन करेगी। सदन में गर्माने वाले मुद्दों को लोगों के बीच भी जोर शोर से उठाया जाएगा। यह रणनीति भाजपा के राज्य प्रभारी प्रो. जगदीश मुखी के नेतृत्व में सोमवार को यहां कोर ग्रुप, विधायकों व वरिष्ठ नेताओं से पार्टी मुख्यालय में हुई तीन अलग अलग बैठकों मे बनी। इस दौरान अप्रैल में प्रस्तावित निकाय चुनाव को लेकर की जा रही तैयारियों पर भी चर्चा हुई। एक दिवसीय जम्मू दौरे के दौरान राज्य प्रभारी ने कोर ग्रुप की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. निर्मल सिंह, अशोक खजूरिया, डॉ. जितेंद्र सिंह, विधायक दल के नेता जुगल किशोर, उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश गंगा, महासचिव सत शर्मा व उषा चौधरी से बैठक की। बैठक में विधानसभा के बजट सत्र में पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों के साथ जम्मू में अपना मेयर बनाने के लिए अपनाई जा रही रणनीति पर विचार किया गया। प्रदेश पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, जिला प्रधानों व मोर्चा प्रभारियों से हुई दूसरी बैठक में नेताओं को लोगों के मसलों को जोर शोर से उठाने के लिए कहा गया। 

क्रॉस-वोटिंग से उपजे हालात का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी उम्मीदवारों को कामयाब बनाकर साबित करें कि पार्टी हर लिहाज से मजबूत है। सभी जिला इकाइयां महीने के एक ही दिन बैठक करने का फैसला करें। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने जोर दिया कि जिलों में पार्टी की गतिविधियों को संचालित करने के लिए जिला मुख्यालयों में अच्छे पार्टी कार्यालय बनाए जाएं। वहीं विधायकों से बैठक में विधानसभा सत्र की रणनीति बनाई गई और पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विधायक अशोक खजूरिया, जुगल किशोर, सुखनंदन चौधरी व शाम चौधरी के साथ शमशेर सिंह मन्हास भी बैठक में मौजूद थे। बैठकों में बाली भगत, सोमराज खजूरिया, सोफी यूसुफ, कर्नल उत्तम सिंह, सत शर्मा, चंद्र मोहन शर्मा, कवींद्र गुप्ता, हरींद्र गुप्ता, युद्धवीर सेठी, ममता शर्मा, शिल्पी वर्मा, सुनील शर्मा, पवन खजूरिया, बलवीर राम, बंसी लाल भारती, सकीना बानो, मुनीष शर्मा, कर्ण सिंह, सुभाष भगत, राजेश गुप्ता व अन्य मौजूद थे।

Wednesday, January 25, 2012

जम्मू-कश्मीर के धर्मांतरण पर अपनी राय दें सोनिया : भाजपा


नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के धर्मांतरण विवाद में भाजपा भी कूद गई है। भाजपा ने इस प्रकरण पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से जवाब देने की मांग की है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री फारुख अब्दुल्ला के बयान पर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।
फारुख ने घाटी में ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण के कार्यों में लिप्त होने का विरोध किया है। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने विगत दिनों (24 जनवरी) कहा कि जब झारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में विश्व हिंदू परिषद और भाजपा लालच व प्रलोभन से किए जाने वाले धर्मांतरण का विरोध करते हैं तो उन्हें सांप्रदायिक बता दिया जाता है। अब यही बात फारूख कह रहे हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश भी धर्मांतरण का विरोध कर चुके हैं, इसलिए सोनिया गांधी को देशवासियों को बताना चाहिए कि धर्मांतरण पर उनकी क्या राय है।

Wednesday, December 14, 2011

गद्दी-सिप्पी समुदाय को नहीं मिल रहा हक : सिंह


जम्मू। प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि राज्य सरकार की सांप्रदायिक सोच के कारण जम्मू संभाग में बसने वाले हिंदू गद्दी, सिप्पी समुदाय को उनका हक नहीं मिल रहा है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. निर्मल सिंह ने इन समुदायों को शेड्यूल ट्राइब को मिलने वाले लाभ नहीं देने के लिए राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह कश्मीर केंद्रित सोच त्यागकर कार्य करे। 
सिंह ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जम्मू संभाग के बसोहली, कठुआ, ऊधमपुर, राजौरी व पुंछ में बसने वाले ढाई लाख गद्दी, सिप्पी समुदाय सरकारी भेदभाव का शिकार बनकर रह गए हैं। इन समुदायों को विशेष दर्जा देने की मांग करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने सारा ध्यान गुज्जरों व बक्करवालों के उत्थान पर केंद्रित कर दिया है। इससे गद्दी, सिप्पी समुदाय सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्तर पर पिछड़ गए हैं। सिंह ने कहा कि शेड्यूल ट्राइब समुदायों के लिए बनी केंद्र प्रायोजित योजनाओं का लाभ देने के साथ राज्य सरकार इन समुदायों के विकास के लिए भी प्रोजेक्ट बनाए। संवाददाता सम्मेलन में बाली भगत व सुनील सिंह भी मौजूद थे।

Thursday, November 17, 2011

केंद्र सेना को दे अफस्पा पर फैसले का अधिकार


जम्मू। पूर्व उपप्रधानमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) को बरकरार रखने की पैरवी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सेना को इस मुद्दे पर फैसला लेने का अधिकार दे। जनचेतना यात्रा के 36वें दिन (16 नवम्बर को) जम्मू पहुंचे आडवाणी गांधीनगर के दशहरा ग्राउंड में रैली को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने आतंकवाद के प्रति कमजोर नीति के लिए केंद्र व राज्य सरकार को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा, दोनों सरकारों के रुख से आतंक के समर्थकों को प्रेरणा मिल रही है। आतंकवाद से लड़ रही सेना का मनोबल गिराया जा रहा है। सेना के योगदान की सराहना करते हुए पूर्व गृहमंत्री आडवाणी ने कहा कि सैनिकों ने शहादत देकर राज्य को देश का अभिन्न अंग बनाए रखा है।

आतंकवाद के प्रति केंद्र सरकार के रवैए को नरम करार देते हुए आडवाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपने पाकिस्तानी समकक्ष को शांतिदूत का दर्जा रहे हैं। हमारी नीति आतंकवाद के प्रति जीरो टालरेंस (शून्य प्रतिरोध) की है। एनडीए सरकार के दौरान भारत-पाकिस्तान आगरा शिखर वार्ता में मुशर्रफ के आतंकियों को स्वतंत्रता सेनानी कहने पर पड़ोसी देश से कोई समझौता नहीं हुआ। 

पूर्व उप-प्रधानमंत्री आडवाणी ने कहा कि राज्य में अगर वर्ष 1953 से पहले की स्थिति बहाल हुआ तो दूसरा आंदोलन होगा। इसका खामियाजा केंद्र की कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार भुगतेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान के खिलाफ आंदोलन करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। आडवाणी ने याद दिलाया कि यह डॉ. मुखर्जी के आंदोलन का नतीजा है कि जम्मू-कश्मीर में तिरंगा फहराया जा रहा है और देश में एक राष्ट्रपति, एक प्रधानमंत्री है।

उमर को आतंकवाद की लड़ाई का अंदाजा नहीं
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष जेटली ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को अंदाजा नहीं है कि आतंकवाद से कैसे लड़ा जाता है। वह कुर्बानियां दे रही सेना के विशेषाधिकार खत्म करने के मुद्दे पर एक महीने से बहस कर राज्य में सक्रिय देश विरोधी तत्वों का मनोबल बढ़ा रहे हैं।
जेटली ने कहा कि यह कैसी सोच है। पहले सेना से रक्षा करवाओ फिर अधिकार वापस लेकर उसके खिलाफ मुकदमे चलाओ। उमर को अंदाजा नहीं है कि विशेषाधिकार न होने के परिणाम क्या होंगे। आतंकवादी भागते हुए जब श्रीनगर जिले में घुस जाएंगे तो क्या सेना यह सोच कर रुक जाएगी कि वहां जाने के अधिकार उनके पास नहीं हैं। पूर्व केंद्रीय विधित मंत्री जेटली ने कहा कि एनडीए सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए पोटा बनाया, जबकि यूपीए संसद पर हमला करने वालों और राजीव गांधी के हत्यारों को बचा रही है। जम्मू-कश्मीर को लेकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व जवाहर लाल नेहरू के दृष्टिकोण के अंतर को उजागर करते हुए जेटली ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के प्रयासों की बदौलत राज्य देश का अभिन्न अंग है, जबकि नेहरू की कश्मीर नीति के परिणाम 64 साल बाद भी भुगतने पड़ रहे हैं।

Thursday, November 10, 2011

उमर के इस्तीफे से ही सामने आएगा सच


जम्मू। दरबार के जम्मू आने पर सरकार के खिलाफ अभियान तेज करने की तैयारी कर रही भाजपा ने मंगलवार को जन जागरण यात्रा में नेकां कार्यकर्ता यूसुफ की मौत के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस्तीफा नहीं देते सच सामने नहीं आएगा।
यात्रा के सातवें दिन जिले के कंदेरी नाला, रामगढ़, रामबन कस्बे में जनसभाओं को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश में है। लोगों को गुमराह करने के लिए कहा जा रहा है कि यूसुफ ने फारूक अब्दुल्ला की आवाज की नकल करने वाले की सहायता ली थी।
वहीं, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह मन्हास ने ऊधमपुर जिले के दूरदराज इलाकों में सरकार की जन विरोधी नीतियों का खुलासा किया तो जुगल किशोर ने राजौरी जिले में रैलियां की। इस दौरान लालकृष्ण आडवाणी की जन चेतना यात्रा को सफल बनाने के लिए भी सहयोग मांगा गया।
प्रदेश अध्यक्ष ने ऊधमपुर जिले के दूरदराज रंग, कोलांता, सतयारी, मजोडी, गंदोप, बसंतपुर, डुडु, मरोथी, सुदमहादेव व चनेनी में रैलियां कीं। विकास का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्ट नेकां-कांग्रेस गठबंधन ने विकास को नजरअंदाज कर दूरदराज इलाकों के भविष्य को अंधकारमय कर दिया है। वहीं, जुगल किशोर शर्मा ने राजौरी जिले के नौशहरा विधानसभा क्षेत्र में रैलियों के दौरान उमर सरकार की कश्मीर केंद्रित नीतियों को निशाना बनाते हुए कहा कि उमर सरकार के जाने से समस्याएं हल होंगी।

Saturday, November 5, 2011

कश्मीरी नेता छीन रहे जम्मू का हक


जम्मू, 5 नवम्बर। निराश किसान, हताश युवा, सहमे सीमांतवासी व उपेक्षित ग्राम सुरक्षा समितियों (वीडीसी) के सदस्य भाजपा की जन जागरण यात्राओं के तीसरे दिन अहम मुद्दे रहे। प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह ने हीरानगर में जहां चीन, पाकिस्तान से लगते इलाकों के हालात को मुद्दा बनाया तो डॉ. निर्मल सिंह ने किश्तवाड़ में आतंकवाद से लड़ रहे वीडीसी के मसले उठाए। बिश्नाह में अशोक खजुरिया ने किसानों व पुंछ में जुगल किशोर ने सरकार के नए भर्ती नियमों पर निशाना साधा। 

भाजपा नेताओं ने इन समस्याओं के लिए केंद्र, राज्य सरकार की कश्मीर केंद्रित नीतियों को जिम्मेदार करार देते हुए कहा कि सरकार आम लोगों को नजरअंदाज कर अलगाववादियों, देश विरोधी तत्वों को शह दे रही है। बिश्नाह पहुंची जन जागरण यात्रा की अगुवाई कर रहे राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य खजुरिया ने कहा कि पाकिस्तान, अलगाववादियों के इशारे पर काम करने वाले फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला को कुर्सी से उतारने के लिए लोग एकजुट हों। कोई भी कश्मीरी नेता जम्मू संभाग को हक नहीं देना चाहता है। उमर, फारूक या मुफ्ती मुहम्मद सईद पाकिस्तानी हुक्मरानों, हुर्रियत नेता गिलानी, यासीन मलिक के इशारों पर सरकार चला रहे हैं। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ उपप्रधान चन्द्र प्रकाश गंगा, यात्रा प्रभारी सत शर्मा, राजेंद्र सिंह लंगेह, लक्की चौधरी समेत भाजपा के कई कार्यकर्ता मौजूद थे। चंद्र प्रकाश गंगा, सत शर्मा राजेंद्र सिंह लंगेह, राजू लंगेह ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर लोगों का जीना दूभर कर रही हैं। उन्होंने लोगों से भाजपा के जन जागरण अभियान में शामिल होने की अपील की। भाजपा की यह रैली बिश्नाह, चकबाना, रतनाल, मगाल, नंदपुर, अरनिया से होती हुई निकली।

Saturday, October 29, 2011

कश्मीर से एएफएसपीए हटाने के खिलाफ हैं आडवाणी


तिरुवनंतपुरम। जम्मू कश्मीर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने शनिवार को कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए जिससे सशस्त्र बलों की स्थिति कमजोर हो।
हालांकि आडवाणी ने कहा कि इस कानून के मणिपुर से हटाए जाने का मामला बनता है और उस पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि जहां तक जम्मू कश्मीर की बात है तो मैं नहीं समझता हूं कि इस कानून को वहां से हटाए जाने की जरूरत है। ऐसा कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए जो सशस्त्र बलों की स्थिति को कमजोर करता हो।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोलते हुए आडवाणी ने इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते समय गठबंधन धर्म उनके रास्ते में आ जाता है। आडवाणी ने कहा कि गठबंधन धर्म केवल नीतिगत मामलों में मायने रखता है न कि ईमानदारी के मामले में।
राजग गठबंधन सरकार के दिनों की याद करते हुए आडवाणी ने कहा कि उनकी सरकार ने नए राज्यों का गठन बिना किसी समस्या कर दिया था लेकिन तेलंगाना का मामला स्थगित कर दिया गया था क्योंकि सभी सहयोगी दलों में आम सहमति की जरूरत थी।
आडवाणी ने कहा कि राजग जब सत्ता में थी उस समय मेरी पार्टी तेलंगाना राज्य के समर्थन में थी लेकिन हमारे सहयोगी इसके पक्ष में नहीं थे।
जन चेतना यात्रा के दौरान एक सभा को संबोधित करते लालकृष्ण आडवाणी 

भाजपा ने सरकार की मुद्रास्फीति की बढ़ती दर पर लगाम लगाने में विफल रहने पर भी आलोचना की जिसके कारण जीवन की बुनियादी सुविधाएं जुटाना भी दूभर हो गया है। उन्होंने देश के किसी भी हिस्से में किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरों पर खेद जताते हुए कहा कि इसपर रोक लगाने में मदद करने के लिए हर व्यक्ति को प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ वर्षो में किसानों द्वारा आत्महत्या के मामलों में काफी वृद्धि हुई है।

राज्य की मतदाता सूचियों की जांच हो : चमन


जम्मू। पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री व जम्मू पश्चिम से विधायक प्रो. चमन लाल गुप्ता ने भारतीय चुनाव आयोग से जम्मू-कश्मीर की मतदाता सूचियों की जांच करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कश्मीर व जम्मू डिवीजन के मतदाताओं की संख्या में रातो-रात अविश्वसनीय बदलाव आया है। प्रो. गुप्ता ने कहा है कि इस बदलाव के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए भारतीय चुनाव आयोग को अपनी निगरानी में मतदाता सूचियों की जांच करवानी चाहिए। 
उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र के दौरान उनके एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि श्रीनगर म्यूनिसिपल कारपोरेशन के तहत 68 वार्ड आते हैं, इनमें मतदाताओं की संख्या 6.2 लाख है जबकि जम्मू म्यूनिसिपल कारपोरेशन के अधीन 71 वार्ड है और यहां मतदाताओं की संख्या 3.47 लाख रिकार्ड की गई है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर शहर के हर विधानसभा क्षेत्र में पिछले एक दशक में मतदाताओं की संख्या कई गुणा बढ़ी है जो अविश्वसनीय है। अमीरा कदल में 2001 में 57663 मतदाता थे जबकि 2011 में इनकी संख्या 77363 पहुंच गई है। इसी तरह बटमालू में वर्ष 2001 में मतदाताओं की संख्या 75800 थी, लेकिन वर्तमान में 108471 दर्शाई गई है। गुप्ता ने कहा कि कश्मीरी विस्थापितों के नाम मतदाता सूचियों से कटने के बावजूद इतनी बढ़ोतरी संदेह पैदा कर रही है कि सूचियों में फेरबदल हुआ है। इसके वितरीत जम्मू के कई विधानसभा क्षेत्रों में पिछले एक दशक में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्शाई गई है। उन्होंने कहा कि यह सारा खेल राज्य में लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने के लिए खेला जा रहा है, लिहाजा भारतीय चुनाव आयोग का दायित्व बनता है कि इस मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाए।

Monday, September 5, 2011

गुरु पर भाजपा शुरू


जम्मू। संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी पर उमर के ट्वीट के खिलाफ अभियान चलाने के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। पार्टी के सभी घटक जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यदि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अफजल गुरु के लिए तमिलनाडु विधानसभा जैसा फांसी को निरस्त करने वाला प्रस्ताव पारित होता तो क्या होता। उमर के इस ट्वीट पर आंदोलन खड़ा करने के लिए भाजपा सामान विचारधारा वाली पार्टियों व सामाजिक संगठनों से हाथ मिलाएगी। साथ ही अफजल की फांसी पर विधानसभा में बहस करवाने की मांग करेगी। शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह द्वारा बुलाई गई आपात बैठक में ये फैसले लिए गए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अफजल गुरु की फांसी को लेकर उमर के बयान देशविरोधी हैं। पार्टी हर कीमत पर इसका विरोध करेगी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक खजुरिया ने चार सदस्यीय कमेटी की घोषणा की जो इस मुद्दे पर राष्ट्रीय नेतृत्व के संपर्क में रहेगी। कमेटी में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व मुख्य प्रवक्ता डॉ. जितेन्द्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश जम्वाल, महासचिव सत शर्मा व लीगल सेल के कन्वीनर ओंकार सेठ शामिल हैं। वहीं, अपनी त्रिस्तरीय रणनीति का खुलासा करते हुए डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि विधानसभा और न्यायालय के साथ अफजल गुरु को फांसी देने के मुद्दे पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। जम्मू जिला प्रधान राजेश गुप्ता ने बताया कि जिले में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। बैठक में प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
(दैनिक जागरण, 05 सितम्बर 2011)

Friday, September 2, 2011

BJP delegation meets Kashmir Committee


7/23/2011 11:38:05 PM
EARLY TIMES REPORT
JAMMU, July 23: A high level BJP delegation held one hour long meeting with Kashmir Committee Chairman Ram Jethmalani and its other two members Madhu Kishwar and V K Grover.
The state BJP delegation was led by State President Shamsher Singh Manhas and consisting of National Executive Member Dr Nirmal Singh, National Executive Member & Chief Spokesperson Dr Jitendra Singh, party MLA Jugal Kishore Sharma and State General Secretary Sat Sharma
Making a strong point for the abrogation of Article-370, the BJP representatives suggested an open debate to discuss merits and demerits as well as advantages and disadvantages of this article.
BJP delegation submitted a written memorandum to the Kashmir Committee in which it stated that there was dire need of building the confidence of those who have constantly suffered due to Pakistan’s military attempts on Jammu and Kashmir, communally motivated secessionist terrorism, deprivation of basic democratic rights in Kashmir-centric political system. Certain specific measures were suggested by the BJP delegation which included setting up of Provincial Councils in both Jammu & Kashmir provinces with adequate administrative and financial powers, grant of Union Territory status to Ladakh and Delimitation of the state assembly and parliament seats as per the principles given in People’s Representation Act.
The BJP delegation strongly favoured empowerment of people of the state at grass-root level by extending the 73rd & 74th amendments of the Indian Constitution thereby making the Panchayat and local bodies more effective.
Referring to the problem of refugees, the BJP memorandum makes a strong plea for grant of citizenship rights to the refugees from West Pakistan.
BJP also reiterated its demand for the end of regional discrimination and equitable distribution of financial resources, political empowerment, government jobs and admissions to government controlled educational institution among the regions of Jammu, Kashmir and Ladakh.
Referring to the issue of proposed Central University in Jammu the BJP delegation advocated for immediate steps to start the working of Central University and also early resolution of other issues causing regional discontent including upgradation of Jammu Airport, construction of fly-overs, Gandola Projects etc.
Taking up the cause of weaker sections of the society, the BJP has demanded justice and fair deal for SCs, STs and OBCs.
The Kashmir Committee carefully heard all the issues of concern put forward by BJP delegation and assured to follow them up.

दर्ज मामले खारिज हों : भाजपा


जम्मू। ईद के अवसर पर कश्मीर में पत्थरबाजी करने वाले युवाओं को आम माफी देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वर्ष 2008 में हुए जमीन आंदोलन के दौरान दर्ज हुए केसों को भी खारिज करने की मांग की है। जमीन आंदोलन के शहीदों की याद में श्री अमरनाथ संघर्ष समिति की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस ने हमेशा कश्मीर व जम्मू को अलग-अलग नजर से देखा है। यही कारण है कि जमीन आंदोलन के दौरान दर्ज सभी केसों को खारिज करने का वायदा करने के बावजूद आज तक युवाओं पर केस चल रहे हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 31 अगस्त 2008 को सरकार की ओर से राज्यपाल के सलाहकार ने समिति से समझौता किया था, जिसमें कहा गया कि सरकार आंदोलन के दौरान दर्ज सभी केस को वापस लेने के साथ व्यापार व उद्योग को हुए नुकसान की भरपाई करेगी। आज तक सरकार ने यह वायदा पूरा नहीं किया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर सैयद अली शाह गिलानी के दिशानिर्देश पर चलने का आरोप लगाते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जो भी कर रहे हैं, गिलानी को खुश करने के लिए। कांग्रेस पार्टी मूकदर्शक है। अगर सरकार ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया तो उसे एक बार फिर से जम्मू की जनता के गुस्से का शिकार होना पड़ेगा।
(दैनिक जागरण/ 02 सितम्बर 2011)

Tuesday, August 30, 2011

पत्थरबाजों को माफी देने पर भड़के बजरंगी


जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पत्थरबाजों को माफी देने के एलान के बाद कई संगठन अब राज्य सरकार के विरोध में उतरने लगे हैं। सोमवार को बजरंग दल जम्मू-कश्मीर इकाई ने न्यू प्लाट में प्रदर्शन कर सरकार का पुतला जलाया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों को बचाने का प्रयास न करें। 

प्रदर्शन की अध्यक्षता संयोजक राकेश शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ भूमि आंदोलन के दौरान करीब 190 राष्ट्र भक्तों पर दर्ज हुए मामले आज भी चल रहे हैं। सरकार को इन राष्ट्र भक्त युवाओं की कोई चिंता नहीं है बल्कि फसाद बढ़ाने वाले पत्थरबाजों की चिंता है। बजरंग दल ने चेतावनी दी कि सरकार ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे राष्ट्र विरोधी लोगों को बल मिले।

Monday, August 29, 2011

राज्य में ‘370’ से बढ़ा भ्रष्टाचार : चमन


जम्मू। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं विधायक चमन लाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जनलोकपाल विधेयक पर रुख स्पष्ट करने के लिए कहा है। इस विधेयक को लेकर अन्ना हजारे ने आंदोलन छेड़ा हुआ है ताकि देश से भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सके।

प्रो. गुप्ता ने जारी बयान में कहा कि जनलोकपाल विधेयक की राज्य में भी जरूरत है। पिछले कुछ वर्षो में राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है। देश के सबसे भ्रष्ट राज्यों में जेएंडके दूसरे और पहले नंबर पर पहुंच कर बदनाम हो चुका है। इसलिए राज्य में भी जनलोकपाल विधेयक को लाया जाना चाहिए। देश में कुरीतियों, अलगाववाद एवं असंतोष से भ्रष्टाचार बढ़ा है।

संविधान की धारा 370 के तहत मिले विशेष दर्जे की वजह से राज्य में करप्शन बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विशेष दर्जे का राजनीतिज्ञों ने गलत इस्तेमाल करते हुए देश को ब्लैकमेल कर केंद्रीय धन का नाजायज फायदा उठाया। चमन लाल गुप्ता के मुताबिक समय आ गया है कि देश की तरह राज्य में भी भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कारगर कदम उठाए जाएं। सख्त कानून के माध्यम से ही राज्य से भ्रष्टाचार को मिटाया जा सकता है। 

(दैनिक भास्कर, 28 अगस्त 2011)

Wednesday, July 20, 2011

Don’t link Article 370 with Autonomy: Chaman

Shadow Correspondent
JAMMU, JULY 06:
The former union Minister and a crusader against symbols of separatism, Prof. Chaman Lal Gupta has ridiculed those who are trying to link the ‘temporary Article-370’ of the Indian Constitution with the Autonomy of the State of Jammu and Kashmir, pleading to reverse the clock back to the position of pre-1953. He said that insertion of Article-370 in the Constitution on the very face of it is a Temporary Provision and the then Prime Minister Pt. Jawahar Lal Nehru had assured the agitated nationalists including Maulana Hasrat Mohani and others that this temporary provision would whither away with the passage of time; “ Ghiste Ghiste Ghis Jayegi”.

Prof. Gupta who himself is author of a book titled “Article-370, A thorn”, has said that it was unfortunate that certain vested interests are still misrepresenting the facts with obvious designs.

Commenting upon the new book by a known supporter of the sessionists and semi-sessionists, A.G Noorani, Prof. Gupta said that it is a travesty of facts that to say Dr. Shyama Prasad Mukerjee or even Sardar Patel was in favour of any permanent concession to Sheikh Mohammad Abdullah or anybody else on permanent basis. The history is witness to the fact that Dr. Shayama Prasad Mukerjee had laid down his life when he on May 12, 1953 had entered this State in support of the then Praja Parishad agitation to put his State at par with other parts of the Country.

He said Article-370 was a temporary concession to communal thinking of the Sheikh and his colleagues . It is a sad commentary of facts that this temporary provision still existed in the statue book even after expiry of over 60 years. Moreso, when this obnoxious provision has caused more harm than any good to the national interests and led to unbridled powers to the ruling leaders to make a mockery of the democratic rights of the people of this unfortunate part of the Country so much so that even the elections to the basic democracies including the Panchayats and Local Bodies were never held in time and were empowered by extending 73rd and 74th Amendment of the Indian Constitution.

(http://www.theshadow.in)

Chaman ridicules Article-370

7/7/2011
NL Correspondent
Jammu, July 06:The former union Minister and a crusader against symbols of separatism, Prof. Chaman Lal Gupta has ridiculed those who are trying to link the temporary Article-370 of the Indian Constitution with the Autonomy of the State of Jammu and Kashmir, pleading to reverse the clock back to the position of pre-1953. He said that insertion of Article-370 in the Constitution on the very face of it is a Temporary Provision and the then Prime Minister Pt. Jawahar Lal Nehru had assured the agitated nationalists including Maulana Hasrat Mohani and others that this temporary provision would whither away with the passage of time; " Ghiste Ghiste Ghis Jayegi".
Prof. Gupta who himself is a author of a book titled "Article-370, A thorn", has said that it was unfortunate that certain vested interests are still misrepresenting the facts with obvious designs.
Commenting upon the new book by a known supporter of the secessionists and semi-secessionists, A.G Noorani, Prof. Gupta said that it is a travesty of facts that to say Dr. Shyama Prasad Mukerjee or even Sardar Patel was in favour of any permanent concession to Sheikh Mohammad Abdullah or anybody else on permanent basis. The history is witness to the fact that Dr. Shayama Prasad Mukerjee had laid down his life when he on May 12, 1953 had entered this State in support of the then Praja Parishad agitation to put his State at par with other parts of the Country.
He said Article-370 was a temporary concession to communal thinking of the Sheikh and his colleagues. It is a sad commentary of facts that this temporary provision still existed in the statue book even after expiry of over 60 years.
(www.thenorthlines.com)

Friday, June 24, 2011

जम्मू-कश्मीर में 1953 पूर्व स्थिति बहाली के खिलाफ आडवाणी की चेतावनी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय दबाव में जम्मू कश्मीर में 1953 से पूर्व की स्थिति बहाल करने के किसी प्रयास के खिलाफ सरकार को चेतावनी देते हुए भाजपा ने कहा कि इसके कारण देशभर में ऐसा आंदोलन होगा, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है।
आडवाणी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘23 जून को जम्मू कश्मीर में परमिट राज के खिलाफ आंदोलन करते हुए डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शहीद हुए। आज फिर सरकार विदेशी दबाव में कश्मीर पर समझौते और 1953 से पूर्व की स्थिति बहाल करने की बात करती है.’ उन्होंने कहा कि उस समय तो सिर्फ एक नेता (श्यामा प्रसाद मुखर्जी) थे, आज तो भाजपा का पूरे देश में व्यापक विस्तार हो गया है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘अगर कश्मीर पर कोई समझौते की बात हुई, घड़ी को वापस मोड़ने की कोशिश हुई और 1953 से पूर्व की स्थिति बहाल करने का प्रयास किया गया तो इसके खिलाफ पूरे देश में ऐसा आंदोलन होगा जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती.’ आडवाणी की टिप्पणी उस समय सामने आई है जब इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता हो रही है. आज बातचीत के दौरान कश्मीर पर चर्चा हो सकती है.
भाजपा के एवरिष्ठ नेता वी के मल्होत्रा ने कहा कि कश्मीर पर देश की कोई स्पष्ट नीति नहीं दिखाई देती है. पाकिस्तान भारत से एक हजार वर्ष तक लड़ाई करने की बात करता है जबकि वह भूल जाता है कि पिछली लड़ाई में वह मुंह की खा चुका है.
आडवाणी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की आलोचना करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने साढ़े तीन वर्षों में 561 रजवाड़ों का भारत में विलय कराया लेकिन नेहरू के अदूरदर्शिता के कारण कश्मीर तक समस्या बनी हुई है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग तो मजाक में कहते हैं कि नेहरू ने कश्मीर समस्या के रूप में देश को सबसे बड़ा तोहफा दिया।

(Courtesy : http://aajtak.intoday.in)

Tuesday, April 12, 2011

'चीन से करो दो टूक, कहो- गुलाम कश्मीर से निकाले अपने सैनिक'

जयपुर। भाजपा ने कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार से बरिक्स देशों के सम्मेलन में शामिल होने जा रहे हैं और इसमें उन्हें गुलाम कश्मीर से चीनी सैनिकों को निकलवाने के बारे में चीनी राष्ट्रपति हू चिन ताओ से सीधे बात करनी चाहिए। चीन के हाइनांग में हो रहे इस सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सफलता की कामना करते हुए भाजपा चाहती है कि चीन पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर से अपने सैनिकों को वापस बुलाए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तरुण विजय ने मंगलवार को जयपुर में भास्कर डॉट कॉम से विशेष बातचीत के दौरान कहा कि गुलाम कश्मीर में चीन के दस हजार से ज्यादा सैनिक निर्माण कार्यों के बहाने जमे हुए हैं। चीन की योजना है कि हमारे देश के अकसाईचिन हिस्से से गुजरने वाले कराकोरम हाईवे को पाकिस्तानी पंजाब से होकर ग्वादर बंदरगाह तक ले जाना चाहते हैं। इससे चीन की पहुंच अरब सागर और मध्यपूर्व तक हो जाएगी।भारतीय प्रधानमंत्री चीन से यह बातचीत भी करें कि दोनों देशों के बीच किस तरह संतुलित आर्थिक सहयोग बढ़ सकता है, क्योंकि इन दोनों देशों के बीच व्यापार अब काफी बढ़ चुका है।


क्या है बरिक्स?

यह ब्राजील, रूस, चीन, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का एक संगठन है। यह एशियान या यूरोपीय यूनियन की तर्ज पर बना संगठन है।बरिक्स अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री जिम ओ नील की अवधारणा पर विकसित संगठन है। इन पांचों देशों के पास दुनिया की 25 प्रतिशत भूमि है और 40 प्रतिशत आबादी है। बीस साल बाद इन पांचों देशों की जीडीपी दुनिया की कुल जीडीपी की आधी हो जाएगी। बरिक्स से दक्षिण अफ्रीका हाल ही जुड़ा है।

(Courtesy : www.bhaskar.com)

अलगाववादियों से बातचीत में परहेज नहीं

जागरण ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के जमीनी हालात का जायजा लेने आए भाजपा संसदीय दल के दरवाजे अलगाववादियों के लिए भी खुले हैं, पर उनसे बातचीत सिर्फ इंसाफ, इंसानियत और संविधान के दायरे में ही की जाएगी। अलबत्ता, उन्हें मुलाकात के लिए न्योता नहीं दिया जाएगा। कश्मीर समस्या के अध्ययन के लिए यहां पहुंचे भाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सोमवार को यहां कहा कि जम्मू-कश्मीर के बारे में दुष्प्रचार से कई समस्याएं पैदा हुई हैं। लिहाजा खुद हालात का अध्ययन कर पार्टी राज्य के संबंध में विजन डाक्यूमेंट तैयार करेगी।

चार दिवसीय राज्य दौरे के पहले दिन शहर के शास्त्री नगर में अध्ययन दल के कार्यालय के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिंह ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग है। पार्टी संसद में जम्मू-कश्मीर के बारे में निष्पक्ष नजरिया रखने के लिए सबसे बात करेगी। अलबत्ता, उन्होंने स्पष्ट किया कि अलगाववादियों के दरवाजे नहीं खटखटाए जाएंगे, वे चाहे तो मिलने के लिए आ सकते हैं। लोकपाल बिल पर उन्होंने कहा कि पार्टी की नीति भ्रष्टाचार के मुद्दे पर स्पष्ट है। सरकार मानसून सत्र में बिल लाती है जो भाजपा इसे समर्थन देगी।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने माना कि भाजपा राज्य के बारे में डाक्यूमेंट की कमी महसूस करती है। संसदीय दल को राज्य के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के लिए जितने दौरे करने पड़े, किए जाएंगे। अगला दौरा लद्दाख का होगा। सिंह ने कहा कि रिपोर्ट तैयार कर इसे दिल्ली में पार्टी को सौंपा जाएगा। श्रीनगर में मौलाना शौकत की हत्या को लेकर लग रहे आरोपों पर कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए राजनाथ ने कहा कि पार्टी इस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करती है।